पीआरओ और अपीलीय प्राधिकारी की नौकरी चाहने वालों के लिए खुशखबरी है। अब राजस्थान की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को लोक सूचना अधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त करने होंगे। इसके साथ इन अधिकारियों के नाम प्रमुखता से विश्वविद्यालय की आॅफिशियल वेबसाइट सहित तमाम संचार माध्यमों पर भी दर्शाने होंगे। ऐसे में अब जल्द ही इन प्रदेश की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में पीआरओ और अपीलीय प्राधिकारियों की भर्तियां निकलेंगी।
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निजी यूनिवर्सिटीज पर लगाम
राजस्थान सरकार ने आरटीआई एक्ट के तहत सूचनाएं देने सहित कई प्रक्रियाओं के लिए निजी यूनिवर्सिटीज पर लगाम कस ली है। इसके साथ प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को इस नियम का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। आरटीआई एक्ट के तहत सभी यूनिवर्सिटीज को यह कार्य समय पर पूरा करके सरकार को रिपोर्ट देनी होगी। स्टेट यूनिवर्सिटी की तर्ज पर प्राइवेट यूनिवर्सिटी को भी अब अारटीआई एक्ट-2005 के प्रावधानों के अनुसार काम करना होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने भी फीस को लेकर भी सख्ती दिखाई है। ये यूनिवर्सिटीज आरटीआई के तहत किसी भी अपीलार्थी से नियमानुसार 10 रुपए प्रति अावेदन से ज्यादा फीस नहीं ले सकेंगी। इस बारे में उच्च शिक्षा विभाग ने मानदंड तय कर उल्लंघन करने पर पैनल्टी लगाने का भी निर्णय लिया है।
5वीं-8वीं कक्षा में फेल न करने की व्यवस्था खत्म
5वीं और 8वीं में परीक्षा अनिवार्य करने और छात्रों को फेल न करने की व्यवस्था खत्म करने वाला बिल लोकसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिय गया है। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (दूसरा संशोधन) विधेयक 2018 पर करीब साढ़े तीन घंटे बहस चली जिसके बाद इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है। कानून बनने के बाद अब विद्यार्थियों को 5वीं और 8वीं की परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। हालांकि 5वीं व 8वीं कक्षाओं की परीक्षा का मॉडल राज्य तय करेंगे।
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